कोबर का भूसन्नति सिध्दांत

प्रसिद्ध जर्मन विद्वान कोबर ने वलित पर्वतों की उत्पत्ति की व्याख्या के लिए भूसन्नति सिद्धांत ( कोबर का भूसन्नति सिध्दांत ) का प्रतिपादन कियाl वास्तव में उनका प्रमुख उद्देश्य प्राचीन दृढ़ भूखंडों तथा भूसन्नतियों में संबंध स्थापित करना थाl कोबर ने इस तरह अपने भूसन्नति सिद्धांत के आधार पर पर्वत निर्माण की क्रिया को समझाने … Read more

अपक्षय किसे कहते हैं

अपक्षय क्या है? चट्टानों के अपने ही स्थान पर भौतिक रासायनिक एवं जैविक क्रियाओं द्वारा टूटने फूटने की क्रिया को अपक्षय कहते हैंl अपक्षय किसे कहते हैं? अपक्षय ताप, वायु तथा प्राणियों का कार्य है जिनके द्वारा यांत्रिक तथा रासायनिक परिवर्तनों से चट्टानों में अपने स्थान पर ही टूट-फूट होती रहती है इसे ही अपक्षय … Read more

प्लेट विवर्तनिक सिध्दांत ( Plate Tectonics )

प्लेट विवर्तनिकी स्थलीय दृढ़ भूखंडों को ‘प्लेट’ कहा जाता हैl प्लेट शब्द का नामकरण सर्वप्रथम टूजो विल्सन के द्वारा सन 1965 में किया गयाl 1960 में हैरी हैस ने महाद्वीपीय भागों से संबंधित अपना प्लेट विवर्तनिक सिध्दांत प्रस्तुत कियाl जिसके अनुसार सभी महाद्वीप एवं महासागर विभिन्न प्लेटों के ऊपर स्थित हैl जो हमेशा संचरवशील हैl … Read more

ज्वार भाटा किसे कहते है, ज्वार भाटा क्या है

ज्वार भाटा किसे कहते हैं? सूर्य तथा चंद्रमा की आकर्षण शक्तियों के कारण सागरीय जल के ऊपर उठने तथा गिरने को ज्वार भाटा कहां जाता हैl सागरीय जल के ऊपर उठकर आगे ( तटकी ओर ) बढ़ने को ज्वार तथा उस समय निर्मित उच्च जल तल को उच्च ज्वार तथा सागरीय जल के नीचे गिरकर … Read more

विश्व की स्थानीय पवने, चिनूक, फोन, हरमट्टन

सामान्य तौर पर लघु क्षेत्र में सीमित तथा स्थानीय दशाओं से उद्भव हवाओं को स्थानीय पवने ( विश्व की स्थानीय पवने ) कहते हैं जिनकी उत्पत्ति तापीय एवं गतिक कारणों से होती हैl 1 ) चिनूक – रॉकी पर्वत के पूर्व ढालो के सहारे चलने वाली शुष्क एवं गर्म स्थानीय युवाओं को संयुक्त राज्य अमेरिका … Read more

प्रवाल विरंजन क्या है, प्रवाल विरंजन के कारण

प्रवाल विरंजन

  प्रवाल विरंजन है – प्रवाल विरंजन का सामान्य अर्थ होता हैl शैवाल ( algae ) का श्वेत रंग होती से प्रकाश संश्लेषण न होने के कारण शैवाल के अभाव में प्रवाल का मर जानाl मतलब प्रवाल भित्ती जीवो में रंग का ह्रास होने से उनके सफेद होने की परिघटना coral bleaching कल आती हैl … Read more

पर्वत निर्माण के सिध्दांत

भू-तल का वह भाग जो निकटवर्ती प्रदेश से एक दम ऊंचा होता चला गया हो तथा जिसका ऊपरी भाग बहुत कम विस्तार वाला हो किंतु जिसके तिरछे ढाल बहुत विस्तीर्ण हो पर्वत कहलाता हैl उत्पत्ति के आधार पर पर्वतों को वली पर्वत, भ्रंश पर्वत तथा ज्वालामुखी पर्वत आदि में रखा जाता हैl इन सभी पर्वतों … Read more

माल्थस का जनसंख्या सिध्दांत Malthusian Theory

माल्थस का जनसंख्या सिद्धांत प्रसिद्ध ब्रिटन अर्थशास्त्री और जनसंख्यिकीय विचारक थॉमस रॉबर्ट माल्थस अपने जनसंख्या वृद्धि सिद्धांत के कारण प्रसिद्ध हैl माल्थस विश्व के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सन 1793 में प्रकाशित अपने Principle of Poputation नामक निबंध में जनसंख्या वृद्धि संबंधी जैविक अवधारणा का प्रतिपादन कियाl उनका सामान्य विचार था कि भरण पोषण के … Read more

रोमन भूगोलवेत्ता का योगदान, स्ट्रैबो, टालमी, पाम्पोनियस

प्राचीन चिरसम्मत काल में यूनानी भूगोलवेत्ता तथा रोमल भूगोलवेत्ताओ के कार्य उल्लेखनीय हैl रोम नगर इटली प्रायद्वीप में स्थित थाl यहीं से रोमन सभ्यता का विकास हुआl इटली की प्रमुख नदी टाइबर नदी के किनारे रोम स्थित है. रोमन शासकों ने भूमध्यसागरीय क्षेत्रों पर अपना अधिकार कर लियाl इनका संपर्क एशिया से भी हो गया … Read more

पृथ्वी की आंतरिक संरचना

पृथ्वी की आंतरिक संरचना पृथ्वी की उत्पत्ति की भांति पृथ्वी की आंतरिक संरचना भी मनुष्य के लिए एक पहेली बनी हुई है l इसका कारण यह है कि हम पृथ्वी के अंदर अधिक गहराई तक जाकर स्वयं अपनी आंखों से नहीं देख सकते हैंl  यद्यपि पृथ्वी का आंतरिक भाग भूगोल के अध्ययन के क्षेत्र से … Read more

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