अपक्षय किसे कहते हैं

अपक्षय क्या है? चट्टानों के अपने ही स्थान पर भौतिक रासायनिक एवं जैविक क्रियाओं द्वारा टूटने फूटने की क्रिया को अपक्षय कहते हैंl अपक्षय किसे कहते हैं? अपक्षय ताप, वायु तथा प्राणियों का कार्य है जिनके द्वारा यांत्रिक तथा रासायनिक परिवर्तनों से चट्टानों में अपने स्थान पर ही टूट-फूट होती रहती है इसे ही अपक्षय

class 10 geography chapter 5 question answer in hindi

NCERT books Name – सामाजिक विज्ञान – समकालीन भारत – 2 Class – 10th Subject – geography Chapter – 5. खनिज तथा ऊर्जा संसाधन अभ्यास Q.1. बहुवैकल्पिक प्रश्न ( i ) निम्नलिखित में से कौन- सा खनिज अपक्षयित पदार्थ के अवशिष्ट भार को त्यागता हुआ चट्टानों के अपघटन से बनाता है? ( क ) कोयला 

प्लेट विवर्तनिक सिध्दांत ( Plate Tectonics )

प्लेट विवर्तनिकी स्थलीय दृढ़ भूखंडों को ‘प्लेट’ कहा जाता हैl प्लेट शब्द का नामकरण सर्वप्रथम टूजो विल्सन के द्वारा सन 1965 में किया गयाl 1960 में हैरी हैस ने महाद्वीपीय भागों से संबंधित अपना प्लेट विवर्तनिक सिध्दांत प्रस्तुत कियाl जिसके अनुसार सभी महाद्वीप एवं महासागर विभिन्न प्लेटों के ऊपर स्थित हैl जो हमेशा संचरवशील हैl

class 10 geography chapter 4 question answer in Hindi

NCERT books Name – सामाजिक विज्ञान – समकालीन भारत – 2 Class – 10th Subject – geography Chapter – 4. कृषि अभ्यास Q. 1.  बहुवैकल्पिक प्रश्न ( i ) निम्नलिखित में से कौन- सा उस कृषि प्रणाली को दर्शाता है जिससे एक ही फसल लंबे- चौड़े क्षेत्र में उगाई जाती है? ( क ) स्थानांतरी

Class 10 Geography Chapter 2 questions and answers

books Name – सामाजिक विज्ञान – समकालीन भारत – 2            Class – 10th  Subject – geography  Chapter – 2.   वन एवं वन्य जीव संसाधन  अभ्यास  Class 10 Geography Chapter 2 questions and answers Q. 1.  बहुवैकल्पिक प्रश्न ( i ) इनमें से कौन सी टिप्पणी प्राकृतिक वनस्पतिजात और प्राणीजात

ज्वार भाटा किसे कहते है, ज्वार भाटा क्या है

ज्वार भाटा किसे कहते हैं? सूर्य तथा चंद्रमा की आकर्षण शक्तियों के कारण सागरीय जल के ऊपर उठने तथा गिरने को ज्वार भाटा कहां जाता हैl सागरीय जल के ऊपर उठकर आगे ( तटकी ओर ) बढ़ने को ज्वार तथा उस समय निर्मित उच्च जल तल को उच्च ज्वार तथा सागरीय जल के नीचे गिरकर

भारत आकार और स्थिति India’s size and position

भारत आकार और स्थिति, भारत विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियो और में से एक है भारत उत्तर पूर्व गोलार्ध में उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंध में हिंद महासागर के उत्तरी सिरे पर अवस्थित हैl भारत का चतुष्कोणीय आकार और अवस्थिति ने इस विशिष्ट भौतिक विविधता प्रदान की हैl उत्तर हिमालय पर्वत, मध्य में विशाल मैदान, उत्तर पूर्वी

विश्व की स्थानीय पवने, चिनूक, फोन, हरमट्टन

सामान्य तौर पर लघु क्षेत्र में सीमित तथा स्थानीय दशाओं से उद्भव हवाओं को स्थानीय पवने ( विश्व की स्थानीय पवने ) कहते हैं जिनकी उत्पत्ति तापीय एवं गतिक कारणों से होती हैl 1 ) चिनूक – रॉकी पर्वत के पूर्व ढालो के सहारे चलने वाली शुष्क एवं गर्म स्थानीय युवाओं को संयुक्त राज्य अमेरिका

प्रवाल विरंजन क्या है, प्रवाल विरंजन के कारण

प्रवाल विरंजन है – प्रवाल विरंजन का सामान्य अर्थ होता हैl शैवाल ( algae ) का श्वेत रंग होती से प्रकाश संश्लेषण न होने के कारण शैवाल के अभाव में प्रवाल का मर जानाl मतलब प्रवाल भित्ती जीवो में रंग का ह्रास होने से उनके सफेद होने की परिघटना coral bleaching कल आती हैl coral

पर्वत निर्माण के सिध्दांत

भू-तल का वह भाग जो निकटवर्ती प्रदेश से एक दम ऊंचा होता चला गया हो तथा जिसका ऊपरी भाग बहुत कम विस्तार वाला हो किंतु जिसके तिरछे ढाल बहुत विस्तीर्ण हो पर्वत कहलाता हैl उत्पत्ति के आधार पर पर्वतों को वली पर्वत, भ्रंश पर्वत तथा ज्वालामुखी पर्वत आदि में रखा जाता हैl इन सभी पर्वतों